आज के समय में 99% लोग पानी पीने का सही तरीका नहीं जानते, जिसकी वजह से उनको बहुत सारी समस्याएं या बीमारियां होती है

जैसे कि

  • मोटापा
  • जोड़ों में दर्द
  • पिंपल्स या चेहरे में दाग धब्बे पड़ जाना या छोटे छोटे दाने हो जाना
  • जोड़ों में दर्द
  • गैस की समस्या
  • शरीर में कमजोरी और आलस पन रहना
  • भोजन का ना पचना
  • बालों का सफेद होना
  • बालों का गिरना या कहे तो हेयर फॉल की समस्या
  • रात में अच्छी नींद ना आना
  • याद ना रख पाना या बार-बार भूलने की समस्या
  • स्किन में सूखापन या झुर्रियां पड़ जाना
  • माइग्रेन की समस्या
  • कब्ज की समस्या
  • किडनी से जुड़ी बीमारी या समस्याएं
  • पेट और आंतों से जुड़ी समस्याएं

और भी बहुत सारी बीमारियां है या समस्याएं हैं, जोकि सिर्फ और सिर्फ पानी को सही तरीके से या सही समय पर ना पीने की वजह से होती हैं, अगर आपको भी नहीं पता पानी पीने का सही तरीका और आप भी इन सभी समस्याओं से जूझ रहे हैं, वह भी सिर्फ और सिर्फ साधारण सी गलतियों की वजह से, जो कि आप जाने-अनजाने अपने जीवन में रोज करते हैं।

आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं कि अगर आप सिर्फ पानी को सही तरीके से पीते रहते हैं, तो आप कभी भी बीमार नहीं होंगे। जी हां बिल्कुल सही सुना आपने आप कभी भी बीमार नहीं होंगे।

आपको यह आर्टिकल पढ़ने में हो सकता है थोड़ा बड़ा लग रहा हो, लेकिन मेरा विश्वास करिए अगर आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़ लेंगे, तो यह सारी समस्याएं आपकी सॉल्व हो जाएंगी और उसके लिए आपको कुछ भी अलग से नहीं करना होगा, जो आप अपनी जिंदगी में रोज करते हैं बस उन्हीं में सुधार लाना है. मैंने इस आर्टिकल में बहुत ही साधारण से नियम बताए हैं, जिनको आपको पानी पीते समय ध्यान रखना है, तो मैं आपसे निवेदन करूंगा की आप इस आर्टिकल को पूरा पढ़िए और ध्यान से पढ़िए। आपकी जिंदगी में बहुत बड़ा बदलाव आएगा, यह सारी समस्याएं तो सॉल्व हो ही जाएंगे, उसके साथ साथ आपको अपनी जिंदगी में बहुत सारे और भी फायदे नजर आएंगे यह मेरी गारंटी है।

पानी से जुड़ी और भी बहुत सारी जरूरी जानकारियां जो कि हर एक इंसान को जानना जरूरी है, तो चलिए जानते हैं.

आइए सबसे पहले जानते हैं की, आखिरकार पानी इतना जरूरी क्यों होता है?  और सिर्फ सही तरीके से पीने से इतने सारे फायदे कैसे और क्यों होते हैं?

जैसे की हम सभी जानते हैं बिना भोजन किए तो हम कुछ दिन तक जिंदा रह सकते हैं, लेकिन बिना पानी पिए हम 1 दिन भी जिन्दा नहीं रह सकते। इसका मतलब आप समझ रहे होंगे की पानी हमारे लिए बहुत ही जरूरी है, तो क्यों ना हम इसको सही तरीके से पिए, ताकि हमें इसके सारे फायदे मिल सके।

जब इंसान का जन्म होता है, तो उसके शरीर में 75% पानी होता है, लेकिन जैसे-जैसे उम्र बढ़ती रहती है वैसे वैसे हमारे शरीर में पानी की मात्रा कम होती जाती है।  वैज्ञानिकों की मानें तो एक आम आदमी के शरीर में 60% और एक महिला के शरीर में 55% पानी रह जाता है जब वह एडल्ट हो जाते है तब।

हो सकता है आप पूछेंगे, कि इतना सारा पानी हमारे शरीर में कहां Present होता है?

तो आपकी जानकारी के लिए मैं बता दूं हमारे शरीर का हर अंग पानी से मिलकर ही बना है, जैसे कि किडनी, लीवर, रीड की हड्डी, मूत्राशय, पेट इन सभी में बहुत ज्यादा मात्रा में पानी उपलब्ध होता है।

हो सकता है आपको जानकर हैरानी हो कि हमारा दिमाग और दिल भी 75% पानी से मिलकर बना है।

फेफड़ों में भी 53% पानी होता है।  हो सकता है की आपको लगता हो, कि हमारी हड्डियों में तो पानी नहीं होता होगा  लेकिन ऐसा नहीं है, हमारी हड्डियों में भी 30% पानी उपलब्ध होता है या कहे तो हमारी हड्डियां भी 30% पानी से मिलकर बनी होती है। अब हो सकता है आप पूछेंगे कि हमारी बॉडी में सबसे ज्यादा पानी कहां पर होता है? हमारे शरीर में सबसे ज्यादा पानी हमारे बॉडी के सेल्फ में होता है यानी की कोशिकाओं में।

अब आप इतना तो समझ गए होंगे कि बिना पानी के हमारी बॉडी काम नहीं कर सकती, उसको काम करने के लिए सही मात्रा में पानी की आवश्यकता होती है।

पानी को कब या फिर कब नहीं पीना चाहिए?

पानी को कब पीना चाहिए, इससे ज्यादा इंपॉर्टेंट यह जानना है कि, पानी को कब नहीं पीना चाहिए। क्योंकि गलत तरीके से पानी को पीने से हमारे शरीर पर बहुत ही बुरा असर पड़ता है, जो कि आपके द्वारा किये गए सारे अच्छे प्रयास यानी की एक्सरसाइज और अच्छे खाने की सारी मेहनत को बर्बाद कर देता है। ( पानी पीने का सही तरीका )

a) सुबह उठकर सबसे पहले दो गिलास पानी पीना चाहिए।

आप के दिन की शुरुआत सुबह होती है और उस समय मुंह में बहुत सारी लार ( Saliva ) जमा हो चुकी होती है, जोकि हमारी सेहत के लिए बहुत ही महत्वपूर्ण होती है. इसीलिए सुबह उठकर आपको सबसे पहले दो गिलास पानी पीना चाहिए, वो भी बिल्कुल धीरे-धीरे जैसे कि आप चाय और कॉफी पीते हैं, बिल्कुल उसी तरह आपको सुबह सुबह पानी पीना है, सुबह सुबह जो आप सबसे पहले पानी पीते हैं उसकी मात्रा 500ml या 2 गिलास होना चाहिए।  मैं आपको एक छोटी सी जानकारी देना चाहूंगा, क्योंकि कुछ लोग शायद मुंह में जमा हुई लार यानी कि सलाइवा को बर्बाद कर देते हैं. मेरे कहने का मतलब है कि कुछ लोगों की बहुत ही बुरी आदत होती है कि सुबह उठते ही वह जाकर ब्रश कर लेते हैं या चाय या कॉफी पी लेते हैं, जोकि पूरी तरीके से गलत है. यह सिर्फ मैं नहीं बोल रहा इसको कई साइंटिस्ट ने फ्रूफ किया है और हमारे आयुर्वेद में भी यही लिखा है कि मुंह में जमा हुई लार हमारे शरीर के लिए बहुत ही लाभदायक होती है, भले ही आप रात को अच्छी नींद ले या ना ले लेकिन सुबह उठ कर दो गिलास पानी जरूर पीएं, ताकि मुंह में बनी हुई लार आपके शरीर के अंदर जा सके।  तो आपको सुबह उठकर सबसे पहले यही काम करना है कि दो गिलास यानी कि 500ml पानी पीना है, फिर चाहे आपको प्यास लगी हो या ना लगी हो लेकिन आपको दो गिलास पानी जरूर पीना है वह भी बिल्कुल धीरे धीरे।

सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने के बहुत सारे फायदे हैं. पहला फायदा तो यह है कि खाली पेट पानी पीने से हमारे पेट और आंतों की अच्छे से सफाई हो जाती है. इसके अलावा जैसे कि मैंने बताया सुबह उठकर खाली पेट पानी पीने से मुंह में जमा हुई लार भी पानी के साथ अंदर जाती है और हमारे शरीर में छोटी-मोटी बीमारियों से लड़ कर या कमियों को खत्म कर हमें स्वस्थ बने रहने में मदद करती है, सलाइवा यानी कि लार का हमारे शरीर पर इतना अच्छा असर होने का एक कारण यह भी है, कि सुबह बनी हुई मुंह में जो लार होती है उसमें सभी प्रकार के एंजाइम्स उपलब्ध होते हैं जो कि हमारे हेल्थ पर बहुत ही अच्छा असर डालते हैं.

“ ध्यान देने वाली बात यह है कि जब भी मैं यहां पर ग्लास शब्द का यूज करूंगा, तो इसका मतलब है मैं 1 स्टैंडर्ड गिलास की बात कर रहा हूं, जिसमें की 250ml पानी आता है, तो ध्यान रखिएगा जब भी मैं बोलूंगा कि दो गिलास पानी पीना है यानी कि 500ml और अगर मैं बोलता हूं एक गिलास इसका मतलब है 250ml “  उम्मीद करता हूं यह बात आपको समझ में आ गई होगी। ( मैं आसान भाषा में समझाने की पूरी कोशिश कर रहा हूं )

b) खाना खाने के लगभग 40min पहले या 40min बाद पानी कभी ना पिए।

ज्यादातर लोग यह गलती करते हैं कि खाना खाने की पहले या बीच में या बाद में पानी पीते रहते हैं। बहुत से लोगों को खाना खाने के साथ-साथ पानी पीने की आदत सी हो गई है और बहुत लोग खाना खाने के तुरंत बाद पानी पी लेते हैं, जो की बहुत बड़ी गलती है, ऐसा बिल्कुल नहीं करना चाहिए। आपको हमेशा इस बात का ध्यान रखना है कि खाना खाने के लगभग 40 मिनट पहले और खाना खाने के 40 मिनट बाद ही पानी को पीना है और ना ही खाना खाने के बीच में पानी पीना है, क्योंकि जैसे ही आप खाना खाना शुरू करते हैं वैसे ही हमारे शरीर में डाइजेस्टिव जूसस बनना शुरू हो जाते हैं इनको आप पाचक रस भी बोल सकते हो।  पाचक रस का काम होता है, कि पेट में जा रहे फूड को पकाना या कहे तो डाइजेस्ट करना। एक साधारण सा उदहारण देता हूं, जैसे की हम लोग घर में खाने को आग या गैस के ऊपर पकाते हैं ठीक उसी प्रकार हमारे शरीर में भी डाइजेस्टिव जूसस या पाचक रस, हमारे शरीर के अंदर हमारे खाने को पकाते हैं या कह लीजिए इस को पचाते हैं।

तो अगर आप खाना खाते समय पानी पी लेते हैं, तो खाना पचने के बजाय सड़ने लगता है, जिससे कि गैस बनने जैसी समस्याएं उत्पन्न होने लगती है.इस बनी हुई गैस की वजह से आपको कई सारी समस्याएं हो सकती है जैसे कि सिर में दर्द, पेट में दर्द औरएसिडिटी जैसी कई सारी समस्याएं गैस बनने की वजह से हो सकती है, इसलिए खाने के साथ पानी को ना पिए 40 मिनट का गैफ या अंतराल जरूर रखें।

अगर पेट में खाना सही से ना पचने की प्रक्रिया कई दिनों तक चलती रही, तो इससे आपका कोलेस्ट्रॉल बढ़ने लगेगा जोकि यूरिक एसिड की मात्रा को बढ़ाएगा। इसलिए खाना खाते समय कम से कम 40 मिनट का अंतराल जरूर रखें (शुरू और बाद में) ताकि खाना सही से  डाइजेस्ट हो सके और आपको इन सभी समस्याओं से ना जूझना पड़े। अगर आप बहुत ही सूखा खाना खा रहे हैं, जिसमें नमी की मात्रा बहुत ही कम है और उसको खाने में आपको समस्या हो रही है, तो मेरी सलाह यही रहेगी की पानी की बजाए आप छाछ, नींबू-पानी या फ्रूट-जूस ले सकते हैं लेकिन पानी ना लें, अगर आपको सुखा खाना खाने में दिक्कत हो रही है तो।

अगर आप दूध पीते हैं तो उसको भी खाना खाने के साथ में कभी ना पिए यानी कि दूध और खाने के बीच में 2 से 3 घंटे का गैप जरूर रखें, क्योंकि दूध अपने आप में ही एक पूर्ण आहार माना जाता है, इसीलिए उसको खाने के साथ ना खाएं क्योंकि इससे डाइजेशन सिस्टम में दिक्कत हो सकती है।

c) पिशाब या यूरिन करने के तुरंत बाद पानी ना पिए।

ज्यादातर लोग पेशाब करने के तुरंत बाद फिर से पानी पी लेते हैं, जो कि एक बहुत ही बुरी आदत है और इससे आने वाले समय में आपको दिक्कत भी हो सकती है।  पेशाब करने के तुरंत बाद पानी न पीने का बहुत बड़ा कारण यह है कि जब भी आप पेशाब करने जाते हैं तो आपकी शरीर के अंदरूनी अंग और नसे सुकड़ जाती है और अगर आप तुरंत ही पानी पी लेते हैं, तो उन पर बहुत ही ज्यादा दबाव पड़ता है जोकि बिल्कुल भी सही नहीं होता आपके स्वास्थ्य के लिए। अगर आप पेशाब करने के बाद तुरंत पानी पीते हैं और ऐसा बार-बार करते रहते हैं उससे आपको बहुत सारी समस्याएं हो सकती हैं जैसे कि पेशाब को ना रोक पाने की समस्या,  यानी कि आने वाले समय में आप पेशाब पे ज्यादा कंट्रोल नहीं कर पाएंगे, यानी कि उसको ज्यादा लंबे समय तक रोक नहीं पाएंगे, यह भी कह सकते है की रोकने की क्षमता कम हो जाएगी क्योंकि आप के अंदरूनी अंग कमजोर हो चुके होंगे।

दूसरी समस्या जोकि पेशाब करने के तुरंत बाद पानी पीने से होगी, वह यह है कि जैसे ही आप पानी पिएंगे अपने आप पर कंट्रोल नहीं कर पाएंगे, आप को बार बार पेशाब लगने लगेगी, यानी कि यूरिन की समस्याएं बढ़ जाएंगी और आपको जलन की भी समस्याएं हो सकती है।

बहुत से लोगों का मानना है कि अगर वह पेशाब करने के तुरंत बाद पानी पिएंगे, तो उनके शरीर में पानी की कमी नहीं होगी जबकि यह एक बहुत बड़ी गलत फहमी है यानी कि यह बिल्कुल भी सत्य नहीं है।

अब अगर आप को बार बार पेशाब आएगी तो आपके शरीर में पानी की कमी भी होने लगेगी यानी कि पानी आपके शरीर में रुक या पच नहीं पाएगा, उसके पोषक तत्व आपको नहीं मिल पाएंगे।

इसीलिए हमेशा ध्यान रखें पेशाब करने के कम से कम 30 से 40 मिनट बाद ही पानी पीए और पेशाब करने के तुरंत पहले भी पानी ना पिए।

d) चाय या कॉफी

बहुत सारे लोगों को चाय या कॉफी पीने की लत-सी लगी होती है या कहे तो उनको आदत पड़ चुकी होती है,  लेकिन बहुत सारे वैज्ञानिकों का और आयुर्वेद का यही मानना है कि चाय और कॉफी हमारे शरीर के लिए बिल्कुल भी लाभदायक नहीं होते, इससे बहुत सारी समस्याएं उत्पन्न होती है।

हमेशा याद रखें चाय या कॉफी पीने के 30 मिनट तक पानी ना पिए, खासतौर पर ठंडा पानी बिल्कुल भी ना पिए, इससे आपको गले में कई सारी समस्याएं हो सकती है। मेरी आपसे यही गुजारिश है कि आप चाय या कॉफी ना पिए, अगर आपको इसकी आदत लगी हुई है, तो इसको जल्द से जल्द छोड़ दें, क्योंकि इसकी वजह से लोग पानी कम पीते हैं और चाय या कॉफी ज्यादा पीते हैं, जोकि बिल्कुल भी सही नहीं है।

e) रसेदार फल खाने के बाद पानी ना पिए।

हमेशा याद  रखिए कि जब भी आप कोई ऐसा फल खाते हैं जिसमें रस होता है, तो उसके तुरंत बाद पानी ना पिए, 30 मिनट बाद ही पानी पिए।  क्योंकि अगर आप कोई भी फल खाने के बाद तुरंत पानी पीते हैं, तो उससे आपको सर्दी, खांसी और पेट खराब होने जैसी समस्याएं हो सकती है,  क्योंकि जब भी आप फल खाने के बाद पानी पीते हैं, तो फल अंदर जाकर सही से डाइजेस्ट या पाचन नहीं कर पाता जिससे आपको कई सारी समस्याएं उत्पन्न होती है, इसलिए इस बात का भी खास ध्यान रखें।

हमें कितना पानी पीना चाहिए?

तो हम लोगों ने यह तो जान लिया कि हमें पानी कब और कब नहीं पीना चाहिए,  लेकिन एक बहुत बड़ा सवाल है कि आखिरकार हमें कितना पानी पीना चाहिए?

आपको पता ही होगा कि अगर आप कम पानी पीते हो, तो भी आपके शरीर के लिए हानिकारक है और अगर आप ज्यादा पानी पीते हो, तो वह भी आपके शरीर के लिए बहुत ज्यादा हानिकारक है, इसलिए हमें यह पता होना जरूरी है कि हमें आखिर कितना पानी पीना चाहिए?

इस सवाल का कोई निश्चित जवाब नहीं है, क्योंकि पानी की मात्रा हर एक इंसान के लिए अलग अलग होती है।  यह काफी सारी चीजों पर निर्भर करती है, जैसे कि आपकी उम्र, आपकी हाइट, आपके शरीर का वजन, आपकी फिजिकल एक्टिविटीज और आपके आसपास का मौसम।

तो आपको कितना पानी पीना चाहिए यह इन सब बातों को मिलाकर ही पता चलेगा।

आइए सबसे पहले यह जानते हैं कि आखिरकार हमारे शरीर को पानी की आवश्यकता रोजाना कहां कहां होती है, यानी कि हमारा शरीर पानी को किस तरीके से इस्तेमाल करता है?

सबसे ज्यादा पानी हमारे शरीर से मूत्र यानी पेशाब के जरिए निकलता है, उसके बाद मल,और पसीने से पानी शरीर से बाहर निकलता रहता है। इसके अलावा हमारे बात करने में या बोलने में भी पानी भाप बनकर बाहर निकलता रहता है यानी कि जब भी हम बात करते हैं तो पानी भाप बनकर बाहर निकल जाता है।  इसके अलावा हमारे शरीर के रोम छिद्रों में से पानी बाहर निकलता रहता है और बॉडी को डंडा रखने के लिए भी हीट या भाप बनकर पानी बाहर निकलता रहता है।

इस तरह हमारे शरीर को सही से काम करने के लिए प्रतिदिन 2 से 2.5 लीटर पानी की आवश्यकता होती है।

WHO (वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन) के अनुसार किस इंसान को कितना पानी पीना चाहिए, उसकी मात्रा नीचे लिखी हुई है।

a) Adults-( वयस्क )

  • Male ( पुरुष ) – 2.5 से 3.5 लीटर पानी
  • Female ( महिला ) –  2 से 3 लीटर पानी

b) बच्चों के लिए पानी की मात्रा ( For Children )

  • एक साल से कम उम्र के बच्चों लिए डॉक्टर से राय ले।
  • 1 से 3 साल = 1.3 लीटर पानी ( दूध और फ्रूट्स जूस की मात्रा के साथ )
  • 4 से 8 साल = 1 से 1.5  लीटर पानी
  • 9 से 13 साल = 1.5 से 2  लीटर पानी
  • 14 से 18 साल = 2 – 2.6 लीटर पानी
  • 18 से ऊपर के लिए Adult वाली value ही रहेगी।

यहां पर मैंने पानी की जितनी भी मात्रा बताई है, वह सब आम और स्वस्थ लोगों के लिए है, यानी कि वह लोग जो साधारण लोगों की तरह होते हैं या उनकी जिंदगी में आम दिनचर्या वाले काम ही होते हैं और वह सभी लोग जो नार्मल टेंपरेचर पर रहते हैं।

अगर आप एक्साइज या वर्कआउट ज्यादा करते हैं या फिर आप एक गर्म इलाके में रहते हैं जहां पर गर्मी ज्यादा रहती है तो आपको थोड़ा ज्यादा पानी पीना चाहिए लगभग 500 एमबी ज्यादा।  लेकिन ध्यान दें आपको कम से कम इतना पानी तो पीना ही है जितना मैंने ऊपर बताया है।

एक और बात जो ध्यान देने वाली है, की आपको जरूरत से ज्यादा पानी नहीं पीना क्योंकि यह आपके लिए बहुत ज्यादा हानिकारक हो जाता है।  इसलिए सही मात्रा में पानी पीना चाहिए।

अगर आप यह पता करना चाहते हैं कि आप सही मात्रा में पानी पी रहे हैं, तो यह पता करना बहुत ही आसान है, जब भी आप पेशाब करने जाते हैं तो आपको अपने पेशाब के कलर से ही यह पता चल सकता है कि आप सही  मात्रा में पानी पी रहे हैं या नहीं।

अगर आप का पिसाब का कलर पीला है या लाल है इसका मतलब आपका शरीर बहुत ज्यादा डिहाइड्रेटेड है इसका मतलब आप के शरीर में पानी की कमी है।  अगर आप का पिसाब का कलर पानी की तरह सफेद है या साफ है, तो आपका शरीर हाइड्रेटेड है इसका मतलब आप सही मात्रा में, जितना आपको जरूरत है उतना ही पानी पी रहे हैं, और यही सबसे आसान और सरल तरीका है यह जानने का कि आप अपने शरीर के हिसाब से सही मात्रा में पानी पी रहे हैं या नहीं। तो आपको यह समझ में आ गया होगा कि आप को कितना पानी पीना चाहिए और यह भी समझ में आ गया होगा, कि यह कैसे पता लगाएं कि अपने शरीर में पानी की मात्रा सही है या नहीं, एक बार फिर बताता हूं  जब भी आप पेशाब करने जाए तो उसका कलर जरूर देखें, जिससे कि आपको यह पता चलता रहे, कि आप सही मात्रा में पानी पी रहे हैं, हमेशा ध्यान रखें पेशाब का कलर बिल्कुल साफ हो, बिलकुल पानी की तरह।

अगर आप का काम कंप्यूटर में ज्यादा रहता है, तो आपको तय मात्रा से थोड़ा ज्यादा पानी पीना चाहिए।

अगर आप की लंबाई ज्यादा है एक आम इंसान से, तो भी आपको पानी की मात्रा को बढ़ा देना चाहिए।

अगर आपका शरीर आपकी उम्र के हिसाब से ज्यादा बड़ा है यानी कि आप की लंबाई और मोटाई ज्यादा है एक आम उम्र वाले इंसान से, तो भी आपको आप अपनी पानी की मात्र को बढ़ा देना चाहिए।

आपने पानी की मात्रा सही बढ़ाई है या नहीं इसका पता या पुस्टि आप पेशाब के रंग से कर सकते हैं।

पानी पीने का सही तरीका क्या है? या फिर हमको कैसा पानी पीना चाइये?

आइए जानते पानी पीने का सही तरीका क्या है?

a) पानी को हमेशा धीरे-धीरे पीना चाहिए।

अगर आप कभी बीमार नहीं पढ़ना चाहते, तो यह बात जरूर ध्यान में रखे कि पानी को हमेशा धीरे-धीरे पीना चाहिए, जैसे कि चाय या कॉफी पीते हैं बिल्कुल उसी प्रकार पानी को पीना चाहिए।

यानी कि पानी को पूरा एक साथ कभी ना पिए, पहले उसको 3 से 4 सेकंड के लिए मुंह में रखें फिर अंदर ले, जैसे कि आप चाय या कॉफी पीते हो।  थोड़ा-थोड़ा पानी मुंह में रखकर निकलने से बहुत सारे फायदे हैं। सबसे बड़ा फायदा यह है कि इस तरीके से पानी पीने से पानी के साथ लार भी अंदर जाती है यानी कि सलाइवा भी अंदर जाता है, और इस तरीके को सुबह सुबह करने का सबसे ज्यादा फायदा मिलता है, तो आप हमेशा पानी को चाय या कॉफी  की तरह ही पिए जिससे कि आपको पानी के सारे फायदे मिल सके।

पानी पीने का यह तरीका पूरी दुनिया में सबसे बेस्ट तरीका माना जाता है, और जो लोग इस तरीके से पानी पीते हैं वो लोग कभी बीमार नहीं पड़ते,  क्योंकि हमारी लार हमारे शरीर की सारी बीमारियों को अंदर ही अंदर खत्म कर देती है उदाहरण के तौर पर आपने जानवरों को देखा होगा, वह लोग कभी भी दवाई वगैरा नहीं लगाते,  क्योंकि उनको पता होता है उनकी लार ही इतनी पावरफुल है कि वह सारे घाव और बीमारियों को सही कर सकती है, लेकिन कुछ मनुष्य लोग इसको नहीं समझते और इस कीमती लार को बर्बाद कर देते हैं या थूक देते हैं।

b) एक बार में सिर्फ एक गिलास पानी ही पीना चाहिए।

कभी भी एक बार में बहुत सारा पानी नहीं पीना चाहिए, क्योंकि हमारी बॉडी की क्षमता एक बार में एक गिलास पानी को पचाने की ही होती है। इसलिए हमेशा कोशिश करिए कि एक बार में सिर्फ एक गिलास पानी ही पिए यानी कि 250ml पानी।

c) हमेशा 40 मिनट का ध्यान रखें।

जैसा कि मैं पहले ही बता चुका हूं, कि हमें खाना खाने के पहले या बाद में पानी कभी नहीं पीना चाहिए।  हमेशा 40 मिनट का गैप या अंतराल रखना चाहिए, क्योंकि अगर आप पानी और खाने को साथ में मिला देंगे तो खाना सही से डाइजेस्ट नहीं हो पाएगा, जिससे गैस बनने जैसी कई सारी समस्याएं होंगी। जब भी हम खाना खाना शुरू करते हैं, वैसे ही डाइजेस्टिव जूसस यानी कि पाचक रस बनना शुरू हो जाते हैं, और अगर हम उस में पानी डाल देते हैं तो वह पचने की वजह सड़ने लगते हैं। और यह सब मैं आपको इसके पहले वाले टॉपिक में बता चुका हूं।  उम्मीद करता हूं आपको समझ में आ गया होगा।

d) पानी को हमेशा मुंह लगाकर पीना चाहिए।

मैंने बहुत लोगों को देखा है वह लोग मुंह ऊपर करके पानी पीते हैं, जोकि पूरी तरीके से गलत है। हमेशा याद रखें आपको गिलास में या किसी बर्तन में पानी पीना चाहिए, वह भी मुंह लगाकर। मुंह लगाकर पानी पीने के बहुत सारे फायदे है, जैसे कि अगर आप मुँह लगाकर पानी पीते हैं, तो आपकी बॉडी का पीएच कंट्रोल रहता है, पेट में एसिडिटी को शांत करता है, अगर आप मुँह लगाकर पानी पीते हैं और धीरे-धीरे पानी पीते हैं तो।

इसके अलावा अगर आप मुंह लगाकर या धीरे धीरे पानी पीते हैं तो आपकी पाचन क्रिया भी बहुत अच्छी रहती है जिससे कि आपके शरीर में चर्बी जमा नहीं होती और आप हमेसा फिट रहते हैं।

कभी भी गर्दन ऊपर करके पानी बिल्कुल ना पिए, क्योंकि उसके साथ बहुत सारे गैसेस भी अंदर चली जाती है जिससे कि हमारे शरीर में गैस की मात्रा बढ़ जाती है और नशे भी कमजोर होने लगती है, इसके अलावा आप खड़े होकर भी पानी कभी ना पिए, क्योंकि इससे आपके जोड़ों में बहुत सारी समस्याएं पैदा हो सकती है, इससे आप की कम उम्र में ही जोड़ों में बहुत ज्यादा दर्द होने लगेगा।  इसीलिए हमेशा ध्यान रखें पानी हमेशा बैठ कर ही पानी पिए और मुंह लगाकर ही पानी पिए बिल्कुल धीरे-धीरे।

कौन सा या कैसा पानी पीना चाहिए?

a) फ्रीज या बर्फ का पानी कभी ना पिए।

कई लोग यह सोचते हैं की ठंडा बर्फ वाला या फ्रिज का पानी पीने से उनकी बॉडी को ठंडक मिलेगी।  जबकि ऐसा बिल्कुल नहीं है, असल में जब भी बहुत ठंडा पानी शरीर के अंदर जाता है, तो शुरुआत में तो वो ठंडा होता है लेकिन कुछ देर बाद वह बहुत ज्यादा गर्म हो जाता है,जो कि हमारे शरीर को ठंडक पहुंचाने की बजाएं, उल्टा गर्म करने लगता है। ठंडा पानी पीने के बहुत कम फायदे होते हैं, जो लोग बहुत ज्यादा ठंडा पानी पीना पसंद करते हैं या फ्रिज का पानी पीना पसंद करते हैं, उनके शरीर में खाना तो ठीक से पचता ही नहीं है साथ ही साथ पानी भी सही से नहीं पचता।  इसके अलावा सर में दर्द और शरीर में आलस-पन जैसी समस्या बनी रहती है जो कि सिर्फ फ्रिज का ठंडा पानी पीने की वजह से होती है।

इसलिए हमेशा ध्यान रखें, चाहे कितनी भी गर्मी क्यों ना हो, आपको फ्रीज का या बर्फ वाला पानी कभी नहीं पीना चाहिए।  अगर आपको ठंडा पानी पीना ही है, तो आप मटके का पानी पी सकते हो, मटके के पानी के बहुत सारे फायदे है, मटका जो होता है- वह पानी का pH level भी कंट्रोल करता है और साथ ही साथ उसको ठंडा भी रखता है, (जितना पानी को ठंडा होना चाहिए उतना ठंडा रखता है)।

इसके अलावा आप किसी भी बर्तन में पानी को भर कर, वहां रखे जहां पर आप रहते हैं, यानी कि पानी को उसी टेंपरेचर या उसी वातावरण में रखें जिस वातावरण में आप हो, जिससे कि पानी का टेंपरेचर उसी रूम टेंपरेचर के बराबर होगा जिस रूम टेंपरेचर पर आप हो।

रूम टेंपरेचर का पानी पूरी दुनिया में सबसे बेस्ट माना जाता है, यानी कि यह हमारे शरीर के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद होता है, रूम टेंपरेचर का मतलब है वह तापमान जिस तापमान पर आप हो या फिर  वह कमरे का तापमान जिस कमरे में आप रहते हो।

b) हल्का गुनगुना या हल्का गर्म पानी।

ठंड के मौसम में या बरसात के मौसम में, अगर हो सके तो पानी को हल्का सा गर्म करके पिए।  गुनगुना पानी पीने के बहुत सारे फायदे होते हैं, सबसे बड़ा फायदा यह है कि खाना जल्दी पचता है और खाना को पचने में भी आसानी होती है, इसके अलावा जिनको जोड़ों में दर्द की समस्या रहती है, वह समस्या भी सॉल्व हो जाएगी। लेकिन ध्यान दें यह सिर्फ ठंड के मौसम में या बरसात के मौसम में ही करें क्योंकि ज्यादा गर्म पानी का सेवन करना भी हानिकारक हो सकता है, इसीलिए अगर आप स्वस्थ हैं और आपको किसी प्रकार की बीमारी नहीं रहती तो ही आप ऐसा करें वरना आप डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

इसके अलावा जिन को भी एसिडिटी की या ब्लड प्रेशर की समस्या रहती है वह कभी भी गर्म पानी का सेवन ना करें या फिर डॉक्टर की सलाह लें।

c) RO का पानी और पैकेट में मिलने वाला पानी।

जो भी लोग RO का इस्तेमाल करते हैं या फिर किसी भी प्रकार का प्यूरीफायर इस्तेमाल करते हैं, उन सभी को मैं कहना चाहूंगा की कोशिश करिए इनका इस्तेमाल ना करें, क्योंकि ज्यादातर प्यूरीफायर पानी में मिलने वाले जरूरी पोषक तत्व  को खत्म कर देते हैं, और पानी का Total dissolved solids (TDS) भी कम कर देते हैं। मेरी आपको यही राय रहेगी कि आप मटके का इस्तेमाल करें या किसी दूसरे बर्तन का इस्तेमाल करें।  अगर आपके एरिया का पानी बहुत ज्यादा ही खराब या गन्दा है और वह पानी मटके से साफ नहीं हो पा रहा, तो ही आप एक वॉटर प्यूरीफायर या RO लगाएं, वरना ना ही लगाएं, अगर आपको मजबूरी में वॉटर प्यूरीफायर लगवाना ही पड़ता है, तो उसका Total dissolved solids (TDS) Level  200 से 400 के बीच में ही रखें, क्योंकि वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन के अनुसार 200 से 400 के बीच टीडीएस सबसे अच्छा माना जाता है।  मैंने देखा है कई लोग यह मानते हैं कि पानी जितना मीठा होगा उतना ही अच्छा होगा, लेकिन यह सच नहीं है, क्योंकि अगर आप TDS  100 से नीचे रखते हैं, तो पानी मीठा हो जाता है लेकिन उसके पोषक तत्व खत्म हो जाते हैं। आप समझ रहे होंगे कि मैं क्या कह रहा हूं, मेरे कहने का मतलब है कि पानी का TDS 100 से नीचे जाने पर पानी मीठा हो जाता है, इसीलिए आपको RO का पानी मीठा लगता है, इसीलिए हमेशा ध्यान रखिए की  आपके वॉटर प्यूरीफायर का TDS level 100 से कम ना हो, क्योंकि अगर पानी का टीडीएस लेवल 100 से कम होगा, तो उसके सारे जरूरी और महत्वपूर्ण पोषक तत्व नष्ट हो जाएंगे, जिससे कि आपको उस पानी के सारे फायदे नहीं मिल पाएंगे।

और अगर आपके वॉटर प्यूरीफायर का टीडीएस लेवल कम या ज्यादा है तो आप उसको तुरंत ही 200 से 400 के बीच कर दीजिए, अगर आपसे वॉटर प्यूरीफायर का टीडीएस लेवल सेट करते नहीं आता तो आप एक मकैनिक को बुलाकर या फिर जहां से भी आपने वॉटर प्यूरीफायर खरीदा है उनसे बोल कर आप अपना टीडीएस लेवल सेट करवा सकते हैं जो की बहुत ही जरूरी है।

इसके अलावा ध्यान दें पानी का टीडीएस 400 से ज्यादा भी नहीं होना चाहिए, क्योंकि अगर उसमें बड़े-बड़े कण ज्यादा होंगे तो, उससे आपको पथरी होने की समस्या हो सकती है।

बाजार में मिलने वाला पानी जो कि बोतल या पाउच में आता है, उसको भी ना खरीदें क्योंकि उसका टीडीएस 100 से कम कर दिया जाता है और जब भी किसी भी पानी का टीवीएस 100 से कम होता है तो वह पानी किसी भी प्लास्टिक या वस्तु के साथ आसानी से घुल जाता है, मेरे कहने का मतलब यह है कि कम डीएसपी वाला पानी अपने साथ प्लास्टिक को आसानी से मिला लेता है यानी की घुल जाता है, और जब प्लास्टिक के मॉलिक्यूल पानी में मिल जाएंगे, तो इससे आपको पथरी होने जैसी समस्या हो सकती है।

हो सकता है आपको यह सभी बातें बहुत ज्यादा समझ में ना आई हो लेकिन इतना ध्यान रखिएगा, कि पानी का टीडीएस हमेशा 200 से 400 के बीच ही होना चाहिए, इससे ज्यादा और ना ही इससे कम।  अगर आप टीडीएस चेक करना चाहते हैं किसी भी पानी का, तो आप घर में ही बड़ी आसानी से कर सकते हैं, ऑनलाइन या फिर ऑफलाइन मार्केट में आपको ₹200 के आसपास आराम से एक टीडीएस मीटर मिल जाएगा, जो कि कुछ ऐसा होता है।

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इस टीडीएस मीटर को आप जरूर खरीद लीजिए मात्र ₹200 का है, लेकिन बहुत काम का है क्योंकि इससे आप कभी भी और किसी भी समय अपने घर के पानी का या किसी भी पानी का टीडीएस चेक कर सकते हैं, और अगर टीडीएस कम या ज्यादा है,  तो आपको पता चल जाएगा और आप एक सही फैसला ले पाएंगे अपनी सेहत के लिए, क्योंकि हमारी सेहत बहुत ही महत्वपूर्ण होती है और हमें हमेशा अपनी सेहत का ध्यान रखना चाहिए, क्युकी स्वास्थ्य सही नहीं होगा, तो कोई भी काम सही तरीके से नहीं कर पाएंगे इसीलिए स्वस्थ रहना बहुत ही जरूरी है, तो अभी ऑर्डर करें दिए हुए लिंक से TDS मीटर को मात्र ₹200 का है।  

उम्मीद करता हूं मेरे द्वारा दी गई है जानकारी आपको समझ में आ गई होगी इसीलिए कोशिश करिए कि आप मटके का या फिर रूम टेंपरेचर का ही पानी पीजिए।

हर महीने में 5 किलो वजन भी घटा सकते हैं।

अगर आप पानी पीने के इन सभी नियमों को फॉलो करेंगे, तो आप हर महीने में 5 किलो या इससे ज्यादा वजन भी घटा सकते हैं।  हमारे देश में मोटापा एक बहुत ही बड़ी समस्या है और लोग मोटापा कम करने के लिए कई सारे प्रयास करते रहते हैं, लेकिन मैं उन सभी लोगों से निवेदन करता हूं कि वह एक बार पानी पीने के सही तरीकों को इस्तेमाल करें या पानी पीने के सभी नियमों को फॉलो करें।  पानी पीने के नियम फॉलो करने के बाद आप बड़े ही आसानी से 5 किलो वजन हर महीने घटा पाएंगे।

सारांश

अभी तक हमने जो कुछ भी जाना, उन सभी बातों को हम प्वाइंट्स के माध्यम से एक बार रिवाइज कर लेते हैं, ताकि आपको याद रखने में आसानी हो। ( पानी पीने का सही तरीका )

  1. हमें रोज सुबह सबसे पहले दो गिलास पानी पीना चाहिए।
  2. हमें हमेशा 40 मिनट वाले नियम का ध्यान रखना चाहिए, खाना खाने के पहले और बाद में 40 मिनट तक पानी नहीं पीना चाहिए।
  3. पेशाब करने के 30 मिनट बाद ही पानी पीना चाहिए, तुरंत पानी कभी नहीं करनी चाहिए।
  4. पानी हमेशा धीरे-धीरे पीना चाहिए, बिल्कुल चाय या कॉफी की तरह है।
  5. पानी हमेशा बैठ कर देना चाहिए, खड़े होकर पानी कभी नहीं पीना चाहिए।
  6. हमें चाय या कॉफी कभी नहीं पीना चाहिए।
  7. रसेदार फल खाने के तुरंत बाद पानी कभी नहीं पीना चाहिए, 30 से 40 मिनट का गैप रखना चाहिए।
  8. पानी की मात्रा हमेशा अपने अनुसार रखना चाहिए, जितनी हमारे शरीर को जरूरत है, इसका पता पेशाब के रंग से लगाया जा सकता है।
  9. WHO के द्वारा बताई गई मात्रा से कम पानी नहीं पीना चाहिए।
  10. एक बार में सिर्फ एक गिलास पानी ही पीना चाहिए, क्योंकि हमारे शरीर की छमता एक बार में एक गिलास पानी को पचाने की ही होती है (  जो लोग ज्यादा मेहनत करते हैं उनके लिए थोड़ा ज्यादा भी हो सकता है )
  11. पानी को हमेशा मुंह लगाकर ही पिए।
  12. फ्रिज का या बर्फ वाला पानी कभी नहीं पीना चाहिए।  
  13. आपको हमेशा मटके का या किसी बर्तन में रखे रूम टेंपरेचर वाले पानी को पीना चाहिए।
  14. सर्दियों के मौसम में या बरसात के मौसम में हल्का गुनगुना पानी पीना चाहिए।
  15. RO, बोतल का पानी या फिर पैकेट में मिलने वाला पानी कभी नहीं पीना चाहिए।

अगर आप इन सभी नियमों का पालन करते हैं तो आप हमेशा स्वस्थ रहेंगे।

Note* – यह सभी बातें जो कि मैंने इस आर्टिकल में बताइए, वह सभी बातें एक स्वस्थ और आम इंसान के लिए है।  अगर आपको किसी भी प्रकार की समस्या है या आप स्वस्थ नहीं रहते, मेरे कहने का मतलब अगर आपको कोई बीमारी है, तो आपको इन नियमों को फॉलो करने से पहले, डॉक्टर की सलाह जरूर लेना चाहिए।

एक बार फिर से दोहरा देता हूं, कि यह सभी नियम एक आम और स्वस्थ मनुष्य के लिए है।

आज की इस आर्टिकल में इतना ही, हो सकता है आपको यह बातें सुनने में बहुत ज्यादा और बहुत कठिन लग रही होंगी, लेकिन मेरा विश्वास मानिए यह इतनी आसान चीज है ना कि इसके लिए आपको कुछ भी अलग से करने की जरूरत नहीं है। आपको जो भी चीजें करनी है उनको सही तरीके से करना है।

वैसे भी हम सभी लोग रोज पानी पीते हैं, तो क्यों ना उसी को सही तरीके से पिए, ताकि हम को ज्यादा से ज्यादा फायदा मिले और हम को किसी भी प्रकार की बीमारी भी ना हो।

मैंने पूरी कोशिश करी है आपको आसान से आसान भाषा में बताने की, अगर आपको फिर भी समझ में नहीं आया तो, मे आप से गुजारिश करूंगा कि आप इस आर्टिकल को एक बार फिर से पढ़िए और मुझे पूरा विश्वास है कि आपको सारी बातें समझ में आ जाएंगी क्योंकि मैंने बहुत ही आसान तरीके से बताने की कोशिश करी है एक बार आप कोशिश करिए आपको सारी चीजें समझ में आ जाएंगी और इन सभी नियमों को एक हफ्ते तक फॉलो करिए,निश्चित रूप से आपको इनकी आदत पड़ जाएगी और आप कुछ दिनों बाद अपने आप ही बिना कुछ सोचे पानी को सही तरीके से पीने लगेंगे, शुरुआत में आदत बदलने में हो सकता है थोड़ी समस्या हो, लेकिन जैसे-जैसे आप इसको करते रहेंगे, आपको इसकी आदत पड़ जाएगी और आपको अपनी हेल्थ पर एक चमत्कारी इफेक्ट देखने को मिलेगा।  आप खुद नोटिस करेंगे कि हां आपकी हेल्थ पर सुधार आ रहा है। जितनी भी आम समस्याएं थी वह सभी खत्म हो रही है यह आप खुद नोटिस करेंगे एक बार इन सब चीजों को करके देखिए, मेरा विश्वास मानिए।

मैंने अपनी पूरी मेहनत करी है इसको लिखने में, तो मै आपसे एक गुजारिश करूंगा कि इसको ज्यादा से ज्यादा शेयर करिए, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग जान पाए इस बारे में और वह भी स्वस्थ रहें।

मुझे उम्मीद है कि आप भी यही चाहते होंगे कि सभी लोग स्वस्थ रहें, फिर चाहे वह आपके परिवार वाले हो या फिर आपके मित्र हो, इसीलिए मैं आपसे एक बार फिर से निवेदन करता हूं कि आप इसको जितना हो सके उतना शेयर करिए , और आप जैसे चाहें वैसे शेयर कर सकते हैं चाहे कॉपी करना हो या फिर डाउनलोड करना हो या ईमेल करना हो या व्हाट्सएप पर आप किसी भी माध्यम से इसको शेयर करना चाहते आप कर सकते हैं मेरी तरफ से कोई रोक नहीं है।

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