इस समय पूरी दुनिया में कोरोना वायरस के बारे में चर्चाएं हो रही है डिजिटल मीडिया के माध्यम से इसके बारे में ज्यादा से ज्यादा जानकारी पहुंचाने की पूरी कोशिश हो रही है, लेकिन कहीं ना कहीं लोगों तक कोरोना वायरस के बारे में गलत जानकारी पहुंच रही है जिसकी वजह से उनके मन में डर बैठ रहा है जो कि बिल्कुल नहीं होना चाहिए। तो मैंने सोचा कि आप तक सही और सही तरीके से इस जानकारी को पहुंचाना बहुत जरूरी है और मैं पूरी कोशिश करूंगा कि जितना हो सके उतना आसान भाषा में इस कोरोना वायरस के बारे में आप तक सही जानकारी पहुंचा सकूं। 

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Novel Corona Virus या COVID-19 क्या है?

कोरोना वायरस पहली बार नहीं आया है यह सबसे पहले 2003 में चाइना से ही इसकी शुरुआत हुई थी, जिसके बाद यह बहुत जगह फैला था और अब यह 2019 में फिर से वापस आया। इसकी शुरुआत फिर से चाइना से ही हुआ थी। लेकिन इस बार यह बहुत तेजी से फैला और पूरी दुनिया में फैल चुका है।  इस बार यह एक नए रूप में आया है इस वायरस के RNA कुछ बदलाव हुए हैं जिसकी वजह से इसको हम पहचान नहीं पा रहे और इसकी दवाइयां भी नहीं बना पा रहे है। जिसकी वजह से इसको हम Novel Corona Virus या कोविद-19 के नाम से जानते हैं, इस शब्द में Novel का मतलब नया से है। COVID-19 इसका short form है। सबसे पहले हम जानते हैं कि वायरस क्या होता है इसके बाद हम समझेंगे कि Novel Corona Virus क्या है?  वायरस एक प्रकार का अणु या पार्टिकल होते हैं जो कि हर जगह हर एक हवा में हर चीज में छोटे-छोटे रूप में पाए जाते हैं। पार्टिकल कई प्रकार के होते हैं जिनमें से एक टाइप वायरस भी होता है वायरस भी कई प्रकार की होते हैं कुछ अच्छे और कुछ बुरे। सभी जीव के लिए अलग-अलग प्रकार की चीजें होती हैं यह बात हम सभी अच्छे से समझते हैं। तो उन्हीं में से एक टाइप का वायरस कोरोना वायरस है सबसे पहली बार जब यह 2003 में आया था तो यह एक चमगादड़ से आया था और चमगादड़ के बाद यह एक बिल्ली में और बिल्ली के बाद यह इंसानों में फैलना शुरू हुआ था .लेकिन 2019 में जो वायरस आया है जिसको हम नोबेल कोरोना वायरस बोलते हैं इसका Source क्या है यह अभी हम को नहीं पता जिसकी वजह से इसका एक प्रॉपर इलाज नहीं जा पा रहा।  क्योंकि हम किसी चीज की दवाइयां तभी बना सकते हैं जब हम उसका सोर्स (Source ) पता हो, तभी हम उसकी एंटीबायोटिक यानी कि उसके ऑपोजिट या बिपरीत काम करने वाली दवाइयां बनाएंगे। लेकिन अभी तक हम Sure नहीं हो पा रहे कि यह कहां से आया है जिसकी वजह से इसका इलाज कर पाना थोड़ा सा मुश्किल है। लेकिन सबसे अच्छी बात यह है की कोरोना वायरस उतना ज्यादा हार्मफुल यानी की हानिकारक नहीं है क्योंकि अगर किसी एक इंसान को यह वायरस हो गया तो सिर्फ 1% चांस है कि वह मर जाएगा यानी कि 99% चांस यही है कि वह बच जाएगा। उसका बचने का मेन कारण है कि नोबेल कोरोना वायरस एक आम वायरस से ही बना है जो नॉर्मल हमारा बुखार-जुखाम होते हैं उनको भी हम एक प्रकार का वायरस ही बोलते हैं लेकिन नोबेल कोरोनावायरस है उनमें से ही बने होने के कारण उतना ज्यादा खतरनाक नहीं है। और अगर आप एक स्वस्थ इंसान हैं किसी प्रकार का नशा नहीं करते हैं तो यह वायरस आपका कुछ नहीं कर सकता। यह वायरस इंसानों में आसानी से नहीं जाता, क्योंकि यह 35 डिग्री सेल्सियस के नीचे ही जिंदा रह पाता है जब भी कोई टेंपरेचर 35 डिग्री से ऊपर जाता है तो यह वायरस मर जाता है और यह एक जीव पर ही जिंदा रह सकता है यानी कि कोई इंसान या कोई पेड़-पौधे के थ्रू ही यह वायरस फैल सकता है और अगर यह किसी इंसान को हो गया हो और वह इंसान एक स्वस्थ इंसान है तो 7 से 10 दिन के अंदर-अंदर यह वायरस अपने आप ही खत्म हो जाएगा और आपको कोई इफ़ेक्ट भी नहीं होगा अगर आपका इम्यून सिस्टम अच्छा हुआ तो । तो जैसे ही गर्मियां शुरू होंगी तो डॉक्टरों का कहना है कि यह वायरस अपने आप ही खत्म हो जाएगा।  इसकी दवाइयां बनना शुरू हो गई है, ट्रायल शुरू हो गया है, कुछ महीनों का टाइल चलेगा। सिर्फ यह जानने के लिए कि इन दवाइयों का कोई बुरा असर तो नहीं पड़ रहा किसी इंसान पर। अगर यह दवाइयां सक्सेज हो गई है तो कुछ महीने बाद मार्केट में भी आ जाएंगी, फिर यह वायरस आसान तरीके से खत्म हो जाएगा।

कुछ सावधानिया?

यह बात बिलकुल सही है की वायरस से जायदा खतरा नहीं है लेकिन इसका मतलब यह नहीं की किसी को चिंता करने की जरुरत नहीं है। अगर आप ने सावधानियाँ नहीं रखी तो यह बिमारी या वायरस एक बड़ा रूप भी ले सकती है। इसीलिए हमें हमारे बड़ो की बातो को पालन करना चाइये। हमारे पूर्वज हमेसा सही बोलते थे। उनके नियम, संस्कार और विज्ञान भी आज से जायदा अच्छा था। इसिलए साफसफाई का ध्यान रखे। में ये नहीं बोल रा की आप हाथ धोने के लिए hand sanitizer का इस्तेमाल करो। में तो सिर्फ इतना बोल रहा हु की आप कोई भी तरीके use करो लेकिन आपने पुरे शरीर को साफ़ रखो। मेरी राय तो यही होंगी की आप पुराने तरीको को इस्तेमाल करो लेकिन केमिकल वाले सामान को इस्तेमाल मत करो। 

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दूसरी सबसे जरुरी बात यह है कि आप को साफ सुथरा खाना खाना चाहिए। यानी कि जहां से भी आप सब्जी खरीदते हैं वह स्वच्छ और शुद्ध होना चाहिए। उसमें किसी प्रकार का केमिकल का उपयोग ना किया हो तो सबसे बेहतर होगा। इसके अलावा आप खाना बनाने में जो भी मसालों का इस्तेमाल करते हैं वह पूरी तरीके से शुद्ध होना चाहिए, यानी कि उनमें किसी प्रकार की केमिकल की मिलावट नहीं होनी चाइये। क्योंकि मिलावट वाले खाने में वह पोषक तत्व नहीं रह जाते, जोकि होना चाहिए और अगर आपको खाने से पूरी तरीके से पोषक तत्व नहीं मिले, तो आपका इम्यून सिस्टम कमजोर रह जाएगा और आप बीमारियों से सही तरीके से नहीं लड़ पाएंगे।  इसीलिए इन दो बातों का ध्यान रखना बहुत जरूरी है पहला कि आपका शरीर पूरी तरीके से साफ रहे, दूसरा कि आप जो भी खाना खाए वह पूरी तरीके से शुद्ध हो और पोषक से भरपूर हो। इन दो बातों के अलावा आपको तीसरी बात का भी ध्यान रखना है कि आप जिन भी चीजों का इस्तेमाल कर रहे हैं वह चाहे आपका मोबाइल – लैपटॉप हो या आपके कपड़े हो आपके घर का सामान हो या कोई भी ऐसी चीज जो कि आपके टच में रहती है उसको आपको रेगुलर साफ करते रहना चाहिए। क्योंकि अगर आप अपने शरीर को साफ कर भी लेंगे और अगर आपका सामान साफ नहीं हुआ, तो उनके कीटाणु आपके शरीर में आ जाएंगे जो कि आपके लिए बिल्कुल भी सही नहीं होता है। इसीलिए इस बात का हमेशा ध्यान रखें कि जो भी सामान या जो भी चीजें आप इस्तेमाल करें, उनको आप पर रेगुलर साफ करते रहें।

और अपने सामानों में सबसे ज्यादा ध्यान अपने फोन और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पर भी जरूर दें। क्योंकि आपका फोन या लैपटॉप या टीवी का रिमोट ऐसी चीज है जो कि आप से हमेशा टच में रहती हैं और इनमें बार-बार बहुत से लोगों का हाथ जाता है जिससे कि इनमें कई प्रकार के कीटाणु होते हैं, इसलिए आप इनको हमेशा समय-समय पर साफ करते रहिए।

लेकिन एक बात का ध्यान जरूर रखें अपने फोन को नार्मल पानी से साफ मत करिए। इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस को साफ करने के लिए एक Liquid आता है जोकि इनके बैक्टीरिया साफ करने में आपकी मदद करता है और इससे आपके इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस खराब भी नहीं होते हैं। तो यह बात तो हो गई की कौन-कौन सी हमें सावधानी रखनी है अब हम अगला पॉइंट जानते हैं जोकि है।

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कोरोना वायरस से या किसी भी बीमारी से क्यों ना डरे?

मैं आपको कोरोना वायरस से या किसी भी बीमारी से ना डरने के लिए इसलिए बोल रहा हूं क्योंकि इससे आप जितना ज्यादा डरेंगे उतना ज्यादा हम सभी को नुकसान होगा। खासतौर पर कोरोनावायरस से ना डरने का मेन कारण यह भी है कि अगर आपको कोरोना वायरस हो भी गया तो भी 98% से भी ज्यादा चांस है कि आप को इस से कुछ नहीं होगा। क्योंकि जिन भी लोगों की कोरोना वायरस के कारण मौत हो रही है तो वह लोग या तो 40 साल के ऊपर हैं या फिर उनको कोई बीमारी पहले से है जैसे कि हार्ट की बीमारी या फिर शुगर की बीमारी जैसी कोई न कोई बीमारी उन लोगों को पहले से है जिनकी मौत हुई थी। तो जो भी लोग स्वस्थ हैं और 40 साल से कम उम्र के हैं तो बहुत ही कम चांस है कि उनको कोरोना वायरस से कुछ भी होगा।  इसके अलावा अगर आप सिगरेट, तंबाकू, गुटका या दारू नहीं पीते तो भी आपको कोरोना वायरस से डरने की कोई जरूरत नहीं है क्योंकि जो भी मरीज कोरोना वायरस के थे और जो भी कोरोना वायरस के कारण मरे हैं उनमें यह सब गलत आदतें थी या फिर उनको कोई न कोई बीमारी पहले से थी, जिसकी वजह से उनकी मौत हुई है उनकी मौत का मैं कारन कोरोना वायरस नहीं था यह बात सभी डॉक्टर्स भी बोल रे है। क्योंकि विज्ञानिक भी यह बात बोलते हैं कि कोरोना वायरस में इतनी क्षमता नहीं है कि वह एक साधारण या स्वस्थ इंसान की जान ले पाए। और यह बात हम सभी को पता है कि भारत में बहुत ही कम लोगों की मौत हुई है क्योंकि भारत के लोग ज्यादातर यंग हैं और जायदातर लोग यहां पर स्वस्थ रहते हैं भारत के लोगों का इम्यून सिस्टम भी बहुत ही अच्छा है और यह सब बातें हम भारतीयों को बहुत अच्छे से पता है कि हम भारतीय कितने ज्यादा मजबूत होते हैं अंदर से। 

 क्योकि ना डरने का कारण यह है कि अगर आप इससे डरते रहेंगे तो आपका जो दिमाक है वह आपकी शरीर में नेगेटिव एंटीबॉडीज (Antibodies) को निकलेगा, जिससे आपका इम्यून सिस्टम (प्रतिरक्षा प्रणाली)यानी की पाचन क्रिया कमजोर हो जाएगी। और अगर आप इससे नहीं डालेंगे और हमेशा पॉजिटिव रहेंगे तो आपका शरीर अच्छी एंटीबॉडीज को produce करने में मदद करेगा, जो कि आपके शरीर में इम्यून सिस्टम (Immune system) को और भी मजबूत यानी की पाचन क्रिया को और भी मजबूत बनाएं रखने में मदद करेगा।  इसको अच्छे से समझने के लिए मैं आपको बता दूं कि Antibodies वह चीज होती है जो कि हमारे शरीर में हर एक बीमारी से लड़ने में हमें मदद करते हैं। जब भी हमें किसी भी प्रकार का बुखार और जुखाम जैसा कुछ भी हो जाता है तो, आपने महसूस किया होगा कि वह अपने-आप ही सही हो जाता है। उसका मुख्य कारण यही है कि हमारे शरीर में पहले से ही Antibodies मौजूद होती हैं जो कि किसी भी बीमारी से लड़ने में सक्षम होती हैं। और जब भी आपको कोई भी डॉक्टर दवाई (Medicine) देता है किसी बीमारी के लिए, तो वह दवाई का काम सिर्फ इतना ही होता है कि वह आपकी Antibodies को एक्टिव कर देती हैं यानी कि अगर वह Antibodies अच्छे से produce नहीं हो रही होती है तो उनको और भी ज्यादा मात्रा में प्रोडूस करवाने के लिए हम दवाई कहते है और वह दवाइयां Antibodies produce करवाने लगती हैं। जिससे की डॉटर की दी हुई दवाई से आप जल्दी सही हो जाते हैं। तो अब आप समझ गए होंगे की वह दवाई कोई दूसरा काम नहीं करती है, दवाइया भी यही करती है कि आपके शरीर में जो एंटीबॉडीज पहले से मौजूद है उन्हीं को और भी ज्यादा मात्रा में प्रोडूस करवाने में मदद करने लगती है या फिर उनको सिगनल देती है कि इस टाइप की बीमारी शरीर में है उससे लड़ना है तो उस टाइप की Antibodies करने का माइंड को सिग्नल मिल जाता है।  अब आप पूछेंगे कि अगर हमारे शरीर में एंटीबॉडी पहले से ही होती है तो सारी बीमारी अपने आप क्यों नहीं सही हो जाती या फिर बुखार जुखाम क्यों हो जाता है और हमें दवाइयां क्यों लेनी पड़ती है? इसका जवाब यह है कि हमारा शरीर एंटीबॉडीज तो प्रड्यूस कर देता है लेकिन उसके लिए उसको पता होना चाहिए कि किस टाइप की एंटीबॉडीज प्रड्यूस करनी है और शरीर को यह बताने का काम की किस टाइप की एंटीबॉडीज यूज करनी है यह दिमाग का होता है दिमाग़ ही शरीर को हर प्रकार का आदेश या सिग्नल देता है कि आपको अब यह करना है, इस बीमारी से लड़ना है या बीमारी है कि नहीं। तो जो भी चीजें हैं वह सभी चीजों को कंट्रोल दिमागी करता है यह बात हम सभी को पता है। लेकिन कई बार क्या होता है कि हमारा दिमाग किसी बीमारी को पहचान नहीं पाता और उस बीमारी के लिए उस टाइप की एंटीबॉडी को produce नहीं कर पाता, और जिसके लिए हमें अलग से दवाई खानी पड़ती है उस दवाई का काम सिर्फ यही होता है कि वह दिमाग को बताती है कि यह हमारी इस प्रकार की बीमारी के लिए, इस टाइप की Antibodies को इस्तेमाल करना चाहिए। और कभी-कभी नॉर्मल बुखार भी सही इसलिए नहीं हो पाते, क्योंकि कुछ इंसानों का इम्यून सिस्टम मजबूत नहीं होता और वह उतनी ज्यादा Antibodies produce नहीं कर पाते, जितनी की उनको जरुरत है, जिसकी वजह से उन्हें बाहर से एंटीबायोटिक दवाइयाँ खानी पड़ती हैं। जोकि शरीर को मदद करती हैं और शरीर का immune system मजबूत बनाने में भी मदद करती हैं। लेकिन यहां पर मैं आपको एक बात बता दूं कि हमें ज्यादा दवाइयाँ नहीं खाना चाहिए, क्योंकि अगर नॉर्मल बुखार होने पर भी हम बार-बार कोई दवाई खाते हैं तो शरीर को लगता है कि यह एक आम सी चीज है और बाद में वह बीमारी से लड़ना बंद कर देता है, और उस बीमारी को शरीर का हिस्सा बना देता है बाद में उस बीमारी के लिए कोई भी एंटीबॉडीज यूज़ नहीं करता और आपको दवाई खाने की लत पड़ जाती है या फिर आपको मजबूरी में भी दवाई खानी पड़ती है। उसका मेन कारण यही होता है कि आप बार-बार कोई दवाई खाते हैं और शरीर को उस चीज की आदत हो जाती है फिर एंटीबायोटिक दवाइयाँ का कोई असर नहीं होता। तो मैं आपको सलाह दूंगा, कि आप ज्यादा दवाइयां ना खाया करें। कोई भी छोटा-मोटा बुखार हो, तो डॉक्टर से सलाह ले सकते हैं कि कोई बड़ी बीमारी तो नहीं है। अगर नॉर्मल बुखार तो उसको अपने आप ही सही होने दे, फल खाए, अच्छा खाना खाए और  इसके बाद आपके शरीर में मौजूद एंटीबॉडीज ऐसे छोटे-मोटे बुखार को या बीमारियों को अपने आप ही सही कर देंगी, बिना कोई दवाई खाये। तू अब आपको समझ में आ गया होगा कि कोरोना वायरस से या किसी भी बीमारी से डरने की जरूरत क्यों नहीं होती। बस हमें सावधान रहने की जरूरत है अपने नियम और अपनी सभी चीजों को सही तरीके से अपनाए रहे, स्वच्छता का भी ध्यान रखे यही सबसे बड़ी सावधानिया है और इनके अलावा कुछ और करने की जरुरत नहीं है।

अगर आपको कोरोना वायरस हो जाए तो क्या करे ?

अगर आपको कोरोनावायरस हो गया है या आपको शक है कि आप में कोरोना वायरस के लक्षण है तो आप सबसे पहले अपने-आप को सभी लोगों से अलग कर दीजिए और जल्द से जल्द हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करें।  जैसे ही आप हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क करेंगे तो आप के पास एक एंबुलेंस आएगी जो कि खासतौर पर कोरोना वायरस के मरीजों के लिए होती है और यह पूरी तरीके से आइसोलेटेड भी होती है। सरकार ने कोरोना वायरस से बचने के लिए पूरे देश में हेल्पलाइन नंबर जारी किये है और अस्पतालों में और एंबुलेंस में भी स्पेशल सुविधाएं मौजूद करवाई गई हैं। 

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तो जैसे ही आपको लगता है कि आप में कोरोना वायरस के लक्षण है आपको शक होता है तो आप तुरंत ही अपने आप को सबसे अलग कर लें और अपने-आप को परिवार से अलग कर ले, क्योंकि आपसे यह वायरस उन सभी तक पहुंच सकता है और उनको भी फिर तकलीफ हो सकती है और यह आप कभी नहीं चाहेंगे कि आपके द्वारा यह वायरस किसी और में भी फैले। तो इसीलिए अपने आपको सबसे अलग कर लें और किसी भी चीज को ना छुए, क्योंकि आप जिस चीज को touch करने, वह वायरस उसमें भी जाएगा और फिर चीज को जो इंसान touch करेगा वह वायरस उसमें ट्रांसफर हो जाएगा। तो जैसे ही आप एंबुलेंस के माध्यम से अस्पताल पहुंच जाएंगे तो ,अपने परिवार को भी जांच के लिए अस्पताल भिजवा दीजिए। जब सभी की जांच हो जाए (जिन जिन से आप मिले हैं) क्योंकि हो सकता है आपको बाद में पता चला हो और यह वायरस उन तक भी फैल चुका हो, इसीलिए आप उन सभी लोगों की जांच करवाइए, जिन लोगों से आप मिल चुके हैं इस दौरान।

अगर आपको सक है कि आपको कोरोनावायरस है और आप फिर भी सतर्क नहीं होते, तो यह आपकी सबसे बड़ी गलती होगी। क्योंकि आपकी लापरवाही की वजह से बहुत सारे लोगों को यह वायरस हो सकता है और उन लोगों से फिर ओर भी लोगों में फैलेगा। इसीलिए सरकार का सभी लोगों से निवेदन है की सरकार का साथ दें, इस वायरस को खत्म करने में। अपने-आप को पहले ही अलग कर दें सभी से, जैसे ही आपको शक होता है और तुरंत इसकी जांच करवाएं, अन्यथा वायरस और भी लोगों को फैल सकता है। 

अब आपके मन मे सवाल होगा, कि यह वायरस आपको है? या नहीं? कौन-कौन से ऐसे लक्षण है इस वायरस को पता करने के लिए? 

 कोरोना वायरस के लक्षण?

अगर आपको शक हो रहा है कि आपका स्वास्थ्य नॉर्मल नहीं है और आप जानना चाहते हैं कि आपको कोरोनावायरस तो नहीं है,  कोरोना वायरस के लक्षण की सबसे बड़ी निशानी है कि आप को सांस लेने में दिक्कत होगी, जी हां जब भी किसी को कोरोना वायरस होता है तो रिसर्च में पाया गया है कि लगभग जो भी कोरोना के मरीज थे उन सभी को सांस लेने में दिक्कत हुई है, क्योंकि यह वायरस हमारे फेफड़ों को प्रभावित करता है जिसकी वजह से जो हमारी क्षमता कम होने लगती है और उसका असर हमारे सांस लेने पर भी पड़ता है।  रामदेव बाबा ने एक तरीका बताया है कि अगर आपको घर में ही चेक करना है की आपको कोरोना वायरस है या नहीं तो आप अपनी सास को 1 मिनट तक रोक कर देखें। अगर आप आसानी से अपनी सांस को 1 मिनट से ज्यादा समय के लिए रोक पाते हैं, तो आपको कोरोना वायरस नहीं है लेकिन अगर आपको सांस रोकने में दिक्कत हो रही है और आप जब सीढ़ियां चढ़ते हैं तब आपके सॉस जल्दी फूलने लगती है तो आप समझ सकते की आपको कोरोना हो गया है यह एक बहुत ही आसान तरीका है। इस कोरोना वायरस को पहचानने का।  बाकी जो इसके लक्षण है वह नॉर्मल बुखार जैसे ही है जैसे की सूखी खांसी आना और थोड़ा सा बुखार भी फील होना तो यह सब जो है जैसे आपको कोई भी नॉर्मल बुखार हो जाता है सर्दी जुखाम उस तरीके के ही इसमें सिम्टम्स है यानी कि लक्षण है।

तो आप नीचे दी गई कुछ वीडियो के माध्यम से जान सकते हैं कि कौन से ऐसे लक्षण होते हैं जो कि कोरोनावायरस के संकेत हैं और कौन से लक्षण कोरोनावायरस के संकेत नहीं है। 

https://www.youtube.com/watch?v=hNBLowo3Pzw
difference between normal fever vs corona
Corona Virus: अगर आपको Fever है तो क्या वो कोरोना है, ये कैसे पता चलेगा? (BBC Hindi)
Coronavirus और सामान्य फ्लू, सर्दी के लक्षण क्या हैं? यहां जानें | ABP News Hindi

क्या मास्क कोरोना वायरस से बचा सकता है?

यह एक बहुत ही कंफ्यूज कर देने वाला सवाल है  क्योंकि मास्क पहनना है? या नहीं? यह बहुत सारी कंडीशन पर निर्भर करता है। जैसे कि अगर आप किसी ऐसी जगह पर हैं जहां पर कोरोना वायरस का मरीज हो सकता है, तो आपको मास्क पहनना चाहिए। लेकिन अगर आप कोई ऐसी जगह पर हैं जहां पर ज्यादा पब्लिक नहीं है तो जरुरत नहीं है। अब आप घर में है और तब भी आप मास्क पहनते हैं तो यह गलत है क्योंकि अगर आप 24 घंटे मास्क पहने रहेंगे तो, आपको सांस लेने में भी दिक्कत होगी और आपके बॉडी में फ्रेश एयर ना जाने की वजह से आप बीमार भी पड़ सकते हैं। लेकिन अगर आपको कोई दिक्कत है या बुखार है, जैसे कि जुखाम, सर्दी, खांसी या कोई एलर्जी है तो आपको मास्क पहनना चाहिए। क्योंकि आपकी कोई भी बीमारी सामने वाले को ट्रांसफर हो सकती है अगर आप मास्क नहीं पहनेंगे तब। 

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तो अगर आप स्वस्थ हैं और कोई पब्लिक प्लेस पर नहीं है तो आपको मास्क नहीं पहनना है। और अगर आप स्वस्थ नहीं हैं आपको कोई भी बीमारी है, तो आपको मास्क पहनना है, जब भी आप किसी से मिले क्योंकि अगर आप मास्क नहीं पहनेंगे, तो वह बीमारी सामने वाले को भी हो जाएगी। 

अच्छे से समझने के लिए मैंने नीचे वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन की वीडियो डाली है।

Can masks protect against the new coronavirus infection?

मास्क कब पहने? When to wear mask?: Hindi 

क्या जनता कर्फ्यू से कोरोना वायरस पर कोई प्रभाव पड़ेगा?

जैसे की हम सभी को पता है कि हमारे प्रधानमंत्री ने हम सभी देशवासियों से निवेदन किया है की 22 मार्च 2020 को सुबह 7:00 बजे से रात 9:00 बजे तक घर से बाहर बिल्कुल भी ना निकले। अगर हम सभी इस आदेश का पालन करेंगे तो सच में कोरोना वायरस को रोकने में कुछ ना कुछ मदद तो जरूर मिलेगी, क्योंकि अगर हम सभी 12 घंटे घर के अंदर रहेंगे, तो यह वायरस एक-दूसरे में नहीं फैलेगा। जो भी चीजें हैं उनमें यह वायरस अपने आप ही खत्म होने लगेगा, क्योंकि यह वायरस अगर किसी जीवित चीज के अंदर ना हो तो यह कोरोना वायरस अपने-आप ही खत्म होने लगता है। तो इसीलिए हम सभी को इस आदेश का पालन करना चाहिए। जिससे कि इस वायरस को फैलने से रोका जा सकेगा और ना ही सिर्फ इस वायरस को फैलने से रोकने में मदद मिलेगी, बल्कि देश में पोलूशन कम करने में भी इससे (जनता कर्फ्यू ) मदद मिलेगी। क्योंकि जब भी हम 12 घंटे घर के अंदर रहेंगे, तो ना ही ज्यादा वाहन इस्तेमाल होंगे और ना ही ज्यादा कोई मशीनें इस्तेमाल होंगी तो, आसान सी बात है कि इससे हमारे देश को फायदा ही होगा, इस वायरस से लड़ने में। 

Watch: PM Modi’s Full Speech On New Measures To Tackle Coronavirus

अगर आपको जानना है कि इंडिया में और पूरी दुनिया में कितने लोग कोरोनावायरस से प्रभावित हुए हैं किस राज्य में कितने लोगों को यह वायरस हुआ है तो आप गवर्नमेंट की इस वेबसाइट https://www.mohfw.gov.in पर जाकर जानकारी ले सकते हैं

उम्मीद है कि कोरोना वायरस के बारे में दी गई है जानकारी आपके लिए कारगर साबित होगी। और आपको इस जानकारी से कोरोनावायरस के बारे में कुछ ना कुछ नया जानने को जरूर मिला होगा। तो मैं उम्मीद करता हूं कि आप इस जानकारी को आगे भी शेयर करेंगे ताकि और भी लोगों को यह जानकारी से मदद मिले और सभी लोग कोरोनावायरस से सुरक्षित रह सकें। 

जायदा जानकारी के लिए 

हेल्पलाइन नंबर – +91-11-23978046 i

ईमेल –  [email protected] और  [email protected]
गोवेर्मेंट की official वेबसाइट – https://www.mohfw.gov.in/

For more health related info in hindi – https://www.healthinfohindi.com

आप सभी से मेरा और हमारे प्रधानमंत्री जी का भी निवेदन है कि आप इस जानकारी को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाएं यानी कि कोरोनावायरस के बारे में जितना ज्यादा हो सके। सही जानकारी शेयर करें, वह चाहे किसी भी माध्यम से हो या किसी भी जानकारी को आप कैसे भी शेयर कर सकते हैं लेकिन आपको जो भी जानकारी शेयर करनी है वह बिल्कुल सही होना चाहिए और जितना ज्यादा हो सके उतना शेयर करिए।  प्रधानमंत्री जी ने कहा है कि कम से कम 10 लोगों को तो शेयर करना ही है आपको। इस जानकारी को अगर हम सभी लोग 10-10 लोगों को शेयर करेंगे, तो यह जानकारी सभी तक पहुंचेगी और हम सभी इस कोरोनावायरस को रोकने में कामयाब हो पाएंगे।

ish jankari ko video ke roop mein dekhne ke liye niche wali video ko play kare

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